भूकंप के झटके से डोली उत्तराखंड की धरती, गहरी नींद से उठकर घरों से भागे लोग

भूकंप के जोरदार झटके से मंगलवार देर रात करीब 1.58 बजे पूरा कुमाऊं हिल उठा। हल्द्वानी सहित ऊधम सिंह नगर, चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर और नैनीताल में सहमे लोग गहरी नींद से घटराकर उठे और घरों से बाहर की तरफ भागे। पूरे उत्तराखंड में अफरातफरी मची रही।

झटका इतना तेज था कि घरों में लगे पंखे और खिड़की के दरवाजे तक हिलने लगे। नैनीताल जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार भूकंप की तिव्रता रिक्टर स्केल पर 6.5 रही। इसका केंद्र नेपाल के कुलखेती में बताया जा रहा है। भूकंप का असर नेपाल के साथ ही पूरे भारत में बताया जा रहा है।

भूकंप के झटके महसूस होते ही रुद्रपुर में भगदड़ मच गई। वहां के ओमेक्स कालोनी के बाहर लोग जमा हो गए। देखते ही देखते सभी फ्लैट खाली हो गए। इस बीच लोग अपने सगे संबंधियों से भूकंप के बारे में जानने में लगे रहे। कुछ ने तो इंटरनेट मीडिया पर लाइव होकर भी भूकंप की जानकारी दी।

नैनीताल में घरों से बाहर निकले लोग

नैनीताल में तो भगदड़ की स्थिति बन गई। देर रात नैनी झील के किनारे के होटलों से पर्यटक बाहर की ओर भागे। कुछ ही देर में फ्लेट मैदान में लोगों को जमावड़ा लग गया। आसपास के लोग भी घरों से बाहर की तरफ भागे।

पिथौरागढ़ सर्वाधिक प्रभावित

भूकंप से कुमाऊं का सीमांत जिला पिथौरागढ़ सर्वाधिक प्रभावित रहा। भूकंप के केंद्र नेपाल से करीब होने के कारण यहां के लोगों ने तेज झटका महसूस किया। कुछ घरों में दरार की भी बात सामने आ रही है। जिला प्रशासन के अनुसार वास्तविक स्थिति का पता बुधवार सुबह चलेगा।