क्रिप्टोकरेंसी (CRYPTOCURRENCY) पर RBI ने फिर कही पूर्ण प्रतिबंध की बात

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। केन्द्रीय बैंक ने अपने बोर्ड को एक प्रेजेंटेशन में कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध पूर्ण होना चाहिए और आंशिक प्रतिबंध काम नहीं करेंगे। प्रेजेंटेशन में, वरिष्ठ अधिकारियों ने लेन-देन की ट्रैकेबिलिटी, क्रिप्टो के मूल्यांकन, अत्यधिक मूल्य अस्थिरता, कानूनी मुद्दों और क्रिप्टो लेनदेन श्रृंखला में विभिन्न अभिनेताओं को चिंता वाले क्षेत्रों के रूप में पहचानने के मुद्दे पर प्रकाश डाला।

आरबीआई ने एक बयान जारी कर कहा है कि गर्वनर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में लखनऊ में आरबीआई के बोर्ड की अहम बैठक हुई है जिसमें सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी ( Central Bank Digital Currency) और प्राइवेट क्रिप्टो करेंसी ( Private Cryptocurrency) के अलग अलग पहलुओं को लेकर चर्चा की गई है.

आरबीआई के बयान के मुताबिक बैंक नोट की परिभाषा में संशोधन के लिए अपने गठन से संबंधित आरबीआई अधिनियम 1934 में संशोधन का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा है। इसमें डिजिटल मुद्राओं को भी शामिल करने की योजना है। रिजर्व बैंक क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ कई बार राय व्यक्त कर चुका है। वह इसे देश की वित्तीय स्थिरता के लिए गंभीर मानता है। इसी वजह से वह आने वाले समय में अपने नियमन में एक डिजिटल मुद्रा सीबीडीसी लाने की तैयारी में है।

आरबीआई ने अपने बयान में कहा कि केंद्रीय बोर्ड ने मौजूदा आर्थिक हालात एवं चुनौतियों की भी समीक्षा की। वर्तमान घरेलू एवं वैश्विक हालात के मद्देनजर जरूरी कदमों पर भी गौर किया गया। इस बैठक में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर महेश कुमार जैन, माइकल देबव्रत पात्रा, एम राजेश्वर राव और टी रवि शंकर भी मौजूद थे.

वैकल्पिक मुद्राओं को मान्यता देने के विरोध में आरबीआई हमेशा से अडिग रहा है। हालांकि केंद्रीय बैंक को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2018 में क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध को वापस लेने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन इसने क्रिप्टोकरेंसी पर अपनी राय नहीं बदली है। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव देबाशीष पांडा ने भी बैठक में भी भाग लिया हालांकि उन्होंने क्रिप्टो मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की। केंद्रीय बोर्ड की 592वीं बैठक में केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा की स्थिति पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, बोर्ड ने 30 सितंबर 2021 को समाप्त छह महीनों के लिए आरबीआई की अर्ध-वार्षिक आय विवरण लिया.

संसद के शीतकालीन सत्र में बिल पेश करने का है प्लान

क्रिप्टोकरेंसी पर आरबीआई बोर्ड की चर्चा ऐसे समय में हुई है, जब सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021 को सूचीबद्ध किया है। कानून को लेकर केंद्र चुप्पी साधे हुए है। हालांकि एक आधिकारिक दस्तावेज से सामने आया है कि बिल में देश में सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। साथ ही यह प्रस्ताव भी है कि अंतर्निहित तकनीक और इसके उपयोगों को बढ़ावा देने के लिए कुछ अपवादों को अनुमति दी जाए। बिल में यह मांग भी है कि कानून का उल्लंघन करने वालों की बिना वारंट के गिरफ्तारी हो और उन्हें जमानत न मिले। ‘द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021’ में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल करेंसी के क्रिएशन के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने की भी मांग की गई है.